मऊगंज; काशियार गाँव सहकारी समिति की जमीन पर कब्जा! विरोध के बावजूद ठेकेदार करा रहा पानी की टंकी का जबरन निर्माण

मऊगंज; काशियार गाँव सहकारी समिति की जमीन पर कब्जा! विरोध के बावजूद ठेकेदार करा रहा पानी की टंकी का जबरन निर्माण

​मऊगंज - जिला अंतर्गत आने वाली प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (बी पैक्स) मया. काशियार गाँव (शाखा-नईगढ़ी) में इन दिनों नियमों को ताक पर रखकर काम करने का एक गंभीर मामला गरमाता जा रहा है। समिति की बहुमूल्य शासकीय भूमि पर स्थानीय विरोध और आपत्तियों के बावजूद, ठेकेदार द्वारा जबरन पानी की टंकी का निर्माण कराए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।

​आपत्ति के बाद भी रुक नहीं रहा निर्माण कार्य

​ग्राउंड जीरो से मिली जानकारी के अनुसार, जिस जमीन पर पानी की टंकी का ढांचा खड़ा किया जा रहा है, वह सहकारी समिति की संपत्ति है। समिति के हितधारकों और स्थानीय स्तर पर इस निर्माण को लेकर आधिकारिक रूप से आपत्ति दर्ज कराई जा चुकी है। इसके बावजूद, ठेकेदार और संबंधित एजेंसी प्रशासन के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए जबरन निर्माण कार्य को आगे बढ़ा रहे हैं। वीडियो और तस्वीरों में साफ देखा जा सकता है कि विरोध को दरकिनार कर पिलर और बेस तैयार करने का काम धड़ल्ले से जारी है।

​एक तरफ बदहाली, दूसरी तरफ जमीन पर कब्जा

​एक तरफ जहाँ काशियार गाँव सहकारी समिति का अपना मुख्य भवन जर्जर हो चुका है, किसानों के लिए खाद-बीज और राशन की सुविधाएं सुचारू रूप से नहीं मिल पा रही हैं, वहीं दूसरी तरफ समिति की बची-कुची जमीन पर इस तरह का अवैध या जबरन निर्माण होना विभाग की मिलीभगत और कमजोरी की ओर इशारा करता है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार राजनीतिक या प्रशासनिक रसूख के बल पर समिति की जमीन को हड़पने का प्रयास कर रहा है।

​अराजकता का माहौल, जिम्मेदार मौन

​इस जबरन निर्माण को लेकर क्षेत्र के किसानों और समिति से जुड़े सदस्यों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समिति की जमीन पर बिना अनुमति इस तरह के निर्माण होते रहे, तो भविष्य में समिति के विस्तार या किसानों के लिए नए गोदाम बनाने के लिए जगह ही नहीं बचेगी। सबसे बड़ा सवाल यह है कि इतनी बड़ी आपत्ति के बाद भी स्थानीय पुलिस और राजस्व अमला मूकदर्शक क्यों बना हुआ है?

​तीखे सवाल:
1. आखिर किसके सह पर ठेकेदार काशियार गाँव सहकारी समिति की जमीन पर जबरन पानी की टंकी का निर्माण करा रहा है?

2. समिति की आपत्ति को दरकिनार करने के पीछे कौन से प्रशासनिक अधिकारी या रसूखदार लोग शामिल हैं?

3. क्या मऊगंज जिला प्रशासन इस अवैध निर्माण को रोककर मामले की निष्पक्ष जांच कराएगा?





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