| बारात में बहा खून, फिर महाकाल से पुरी तक भागने की तैयारी… आखिर ट्रेन में ऐसे दबोचा गया हत्या का आरोपी Aajtak24 News |
मुंगेली - बारात की खुशियां कुछ ही पलों में हिंसा में बदल गईं और एक युवक की जान चली गई। अब इस मामले में फरार चल रहे दूसरे आरोपी को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मुंगेली पुलिस ने साइबर टीम और थाना सरगांव की संयुक्त कार्रवाई में हत्या के आरोपी को ट्रेन से पकड़ने में सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार घटना 8–9 मई 2026 की है, जब बारात से लौटने के दौरान कथित रूप से विवाद और गाली-गलौज के बाद चाकूबाजी और मारपीट हुई। इस घटना में लक्ष्मी प्रधान की मौत हो गई थी जबकि अन्य लोग घायल हुए थे। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
इस मामले में थाना सरगांव में बीएनएस की संबंधित धाराओं और आर्म्स एक्ट के तहत अपराध दर्ज किया गया था। पुलिस पहले ही मुख्य आरोपी सुधीर केवट को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज चुकी थी। पुलिस के मुताबिक दूसरा आरोपी रवि वर्मा (20 वर्ष) लगातार ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर साइबर टीम और थाना पुलिस ने उसकी तलाश तेज की।
जांच के दौरान तकनीकी इनपुट और मुखबिर सूचना के आधार पर पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी नर्मदा एक्सप्रेस से यात्रा कर रहा है। इसके बाद पुलिस टीम ने पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन पहुंचकर घेराबंदी की और ट्रेन पहुंचने पर आरोपी को हिरासत में लिया। पुलिस का दावा है कि प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने अलग-अलग बातें बताईं, लेकिन आगे पूछताछ में उसने घटना के बाद गिरफ्तारी के डर से बाहर छिपे रहने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार आरोपी कथित रूप से आगे दूसरे स्थान पर जाने की योजना बना रहा था। 22 मई को आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. बारात जैसे सार्वजनिक आयोजन में हिंसा होने से पहले क्या मौके पर कोई सुरक्षा व्यवस्था या स्थानीय निगरानी मौजूद थी?
2. घटना के बाद आरोपी कई दिनों तक गिरफ्तारी से बचता रहा—क्या शुरुआती स्तर पर तलाश और अलर्ट सिस्टम में कोई कमी रही?
3. हत्या और चाकूबाजी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए बारात एवं सार्वजनिक आयोजनों के लिए भविष्य में कोई विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल बनाया जाएगा?