| सुकमा; तेंदूपत्ते की गड्डियां गिनी गईं, लेकिन क्या संग्राहकों की कमाई भी बढ़ेगी? Aajtak24 News |
सुकमा - तेंदूपत्ता सीजन केवल वनोपज का कारोबार नहीं बल्कि हजारों वनवासी परिवारों की आय और आजीविका से जुड़ा विषय है। ऐसे समय में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष रूपसाय सलाम का सुकमा दौरा केवल औपचारिक निरीक्षण नहीं बल्कि संग्रहण, भंडारण और भुगतान व्यवस्था की जमीनी समीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। दौरे की शुरुआत तोंगपाल वनोपज जांच नाका से हुई, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनका स्वागत किया। इसके बाद उन्होंने संघ गोदाम तोंगपाल पहुंचकर वर्ष 2026 के तेंदूपत्ता सीजन के अंतर्गत चल रहे लाट स्टेकिंग कार्य का निरीक्षण किया और तेंदूपत्ता बोरों की गणना कर गुणवत्ता की जांच की।
निरीक्षण के दौरान गड्डियों की स्थिति संतोषजनक पाए जाने पर अध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली की सराहना की। साथ ही गुणवत्ता बनाए रखने और संग्रहण प्रक्रिया में सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए। सुकमा पहुंचने पर जिला यूनियन की गतिविधियों और तेंदूपत्ता संग्रहण, भंडारण तथा परिवहन व्यवस्था की जानकारी प्रस्तुत की गई। इसके बाद संघ गोदाम का निरीक्षण कर भंडारण व्यवस्था और पत्तों की गुणवत्ता का आकलन किया गया। दौरे के दौरान दोरनापाल सब डिविजन के बुर्कापाल फड़ में चल रहे बोरा भर्ती कार्य का भी जायजा लिया गया। यहां अध्यक्ष ने तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से संवाद किया और उन्हें शासन की बीमा तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
संग्राहकों को यह भी बताया गया कि भुगतान बैंक खातों के माध्यम से प्राप्त करें और गुणवत्ता आधारित संग्रहण पर ध्यान दें ताकि उन्हें बेहतर लाभ मिल सके। प्रवास के दौरान चिंतलनार स्थित अस्थायी गोदाम का निरीक्षण भी किया गया, जहां जगरगुंडा समिति से पहुंचे तेंदूपत्ता बोरों और उनके परिवहन की व्यवस्था देखी गई। निरीक्षण के बाद भविष्य की जरूरतों को देखते हुए 25 से 30 हजार वास्तविक बोरों की क्षमता वाले आधुनिक गोदाम निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए। संघ अध्यक्ष ने जिला यूनियन सुकमा द्वारा किए जा रहे भंडारण, गुणवत्ता आधारित खरीदी और वैज्ञानिक उपचार कार्यों को प्रशासन और संघ के समन्वय का उदाहरण बताया। लेकिन इस पूरे निरीक्षण के बीच सबसे बड़ा सवाल वही है—क्या बेहतर गोदाम, बेहतर गुणवत्ता और बेहतर प्रबंधन का लाभ सीधे तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों की आय में भी दिखाई देगा?
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. तेंदूपत्ता की गुणवत्ता और भंडारण व्यवस्था की सराहना की गई, लेकिन क्या इस गुणवत्ता सुधार का कोई सीधा आर्थिक लाभ संग्राहक परिवारों को मिलेगा?
2. पिछले तीन वर्षों में सुकमा जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण से जुड़े भुगतान में देरी, कटौती या शिकायतों के कितने मामले सामने आए और उनका निराकरण कैसे हुआ?
3. 25–30 हजार बोरों की क्षमता वाले नए गोदाम के प्रस्ताव के लिए अनुमानित बजट, समय-सीमा और स्वीकृति प्रक्रिया क्या होगी, और इससे स्थानीय संग्राहकों को क्या प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा?