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| सागर कलेक्टर का अल्टीमेटम, अफसरों को फील्ड में उतरने के आदेश Aajtak24 News |
सागर - शहरों की बदहाल सफाई व्यवस्था, अधूरे विकास कार्यों और धीमी परियोजनाओं को लेकर सागर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने शहरी विकास विभाग की समीक्षा बैठक में साफ शब्दों में कहा कि सभी नगरीय निकायों के सीएमओ और इंजीनियर नियमित रूप से फील्ड में उतरें और विकास कार्यों को समयसीमा में पूरा कराना सुनिश्चित करें। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित बैठक में स्वच्छता, पेयजल, सड़क निर्माण, सीवर परियोजनाएं, प्रधानमंत्री आवास योजना और अमृत योजना सहित 12 प्रमुख एजेंडा बिंदुओं पर विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में संयुक्त कलेक्टर एवं पीओ डूडा विजय डेहरिया, निगमायुक्त राजकुमार खत्री तथा विभिन्न नगरीय निकायों के अधिकारी मौजूद रहे।
कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा कि नाला, सड़क और जल संरचनाओं से जुड़े सभी निर्माण कार्य मानसून से पहले पूरे किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वर्षों से अधूरे पड़े प्रोजेक्ट अब और लंबित नहीं रहने चाहिए। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर भी प्रशासन ने गंभीरता दिखाई। कलेक्टर ने कहा कि इस बार नागरिक फीडबैक रैंकिंग में बड़ी भूमिका निभाएगा, इसलिए सभी निकाय शत-प्रतिशत सिटीजन फीडबैक सुनिश्चित करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि “रात 2 बजे भी यदि कोई शहर से गुजरे तो शहर साफ और कचरा मुक्त दिखना चाहिए।” इसके लिए रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण, स्मार्ट सिटी आईसीसीसी से मॉनिटरिंग, बाजार क्षेत्रों की सफाई और कचरा वाहनों की निगरानी पर भी विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी आवास आवंटन में आ रही प्रशासनिक बाधाओं को जल्द दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही बीएलसी घटक के अधूरे मकानों को समयसीमा में पूरा करने पर जोर दिया। बीना, खुरई, रहली और मकरोनिया सहित विभिन्न नगरीय निकायों में चल रही परियोजनाओं की अलग-अलग समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे केवल कार्यालयों तक सीमित न रहें, बल्कि मौके पर जाकर कार्यों की निगरानी करें।मानसून से पहले जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर नाले-नालियों की सफाई और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश भी दिए गए। इसके अलावा जर्जर भवनों की पहचान, सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण और जनगणना कार्य की भी समीक्षा की गई।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- यदि अधिकारी नियमित फील्ड निरीक्षण कर रहे थे, तो फिर कई परियोजनाएं एक-दो साल से अधूरी क्यों पड़ी हैं?
- स्वच्छता सर्वेक्षण में बेहतर रैंकिंग की बात हर साल होती है, लेकिन क्या प्रशासन यह बताएगा कि अब तक करोड़ों खर्च होने के बावजूद जमीनी सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार क्यों नहीं दिखा?
- मानसून से पहले जलभराव रोकने के निर्देश दिए गए हैं, तो क्या प्रशासन पिछले वर्षों में जलभराव और नाला सफाई में हुई लापरवाही की जिम्मेदारी भी तय करेगा?
