गुना; बारिश से पहले प्रशासन का अल्टीमेटम: अतिक्रमण हटाओ, नियम मानो… वरना सीधे एफआईआर के लिए रहो तैयार Aajtak24 News

गुना; बारिश से पहले प्रशासन का अल्टीमेटम: अतिक्रमण हटाओ, नियम मानो… वरना सीधे एफआईआर के लिए रहो तैयार Aajtak24 News

गुना - मानसून से पहले गुना प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि इस बार तैयारी कागजों पर नहीं, मैदान में दिखाई देनी चाहिए। कानून व्यवस्था, आपदा प्रबंधन और जनसुरक्षा को लेकर आयोजित संयुक्त समीक्षा बैठक में कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल और पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए स्पष्ट कर दिया कि लापरवाही पर कार्रवाई तय होगी और जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज करने से भी प्रशासन पीछे नहीं हटेगा। बैठक की शुरुआत आगामी बारिश और संभावित बाढ़ की तैयारियों की समीक्षा से हुई। इसी दौरान जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री की अनुपस्थिति प्रशासन को भारी पड़ी। कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए और संकेत दिया कि आपदा प्रबंधन जैसे संवेदनशील मामलों में अनुपस्थिति को हल्के में नहीं लिया जाएगा।

लोक निर्माण विभाग को जिले के सभी पुल-पुलियों का तत्काल निरीक्षण करने और आवश्यक सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा गया। वहीं नगरीय निकायों को नाले-नालियों की सफाई समय-सीमा में पूरी करने के निर्देश दिए गए ताकि बारिश के दौरान जलभराव और आपदा की स्थिति को रोका जा सके। बैठक में प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के लिए स्थानीय स्तर पर वालंटियर तैयार करने की रणनीति भी बनाई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षित वालंटियर्स की सूची प्रशासन और पुलिस को उपलब्ध कराई जाए ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू हो सकें।

बैठक का सबसे सख्त संदेश अतिक्रमण को लेकर सामने आया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि बारिश से पहले अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्राथमिकता बनेगी। राजस्व और पुलिस विभाग को संयुक्त रूप से संवेदनशील क्षेत्रों, नदी-नालों और यातायात प्रभावित स्थानों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए ताकि अभियान योजनाबद्ध तरीके से चलाया जा सके। मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई पर भी प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। निर्देश दिए गए कि कार्रवाई के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और कार्रवाई के बाद उसकी निगरानी भी हो। कलेक्टर ने साफ कहा कि नियमों की अनदेखी करने वालों पर आवश्यकता पड़ने पर एफआईआर दर्ज की जाए।

हिट एंड रन की घटनाओं पर चिंता जताते हुए “सुरक्षा मित्र” जैसी पहल शुरू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ट्रैफिक पुलिस को नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त चालानी कार्रवाई के निर्देश दिए गए। एनएचएआई को भी आवश्यक स्थानों पर साइन बोर्ड लगाने और अधूरे कार्य समय-सीमा में पूरे करने को कहा गया। बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक कार्रवाई का फोकस केवल समीक्षा नहीं बल्कि जमीन पर परिणाम दिखाना होगा।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

  1. यदि बारिश से पहले अतिक्रमण हटाना इतना जरूरी है, तो अब तक संवेदनशील नदी-नालों और अवरोध वाले क्षेत्रों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
  2. आपदा तैयारी की समीक्षा बैठक में ही संबंधित विभाग का अधिकारी अनुपस्थित मिला—क्या ऐसे मामलों में नोटिस से आगे भी जवाबदेही तय होगी?
  3. एफआईआर और सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, लेकिन क्या प्रशासन उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई करेगा जिनकी लापरवाही से पहले अवैध अतिक्रमण या सुरक्षा जोखिम पैदा हुए?

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