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| गुना; पिछली बाढ़ से सबक या फिर वही तैयारी? गुनिया नदी पर प्रशासन का बड़ा अलर्ट Aajtak24 News |
गुना - आगामी वर्षा ऋतु और संभावित बाढ़ की चुनौती को देखते हुए जिला प्रशासन ने गुनिया नदी क्षेत्र में तैयारियों को तेज कर दिया है। नदी संरक्षण, जल निकासी और शहरी क्षेत्रों को बाढ़ के खतरे से बचाने के उद्देश्य से प्रशासन ने जमीनी स्तर पर निरीक्षण और कार्य योजनाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने रविवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण करते हुए गुनिया नदी संरक्षण और बाढ़ प्रबंधन कार्यों की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान गोपालपुरा, मंडी रोड, हाट रोड रपटा, मंडी पुल और बांसखेड़ी क्षेत्र में नदी के बहाव, जल निकासी व्यवस्था तथा संवेदनशील स्थानों का जायजा लिया गया।
कलेक्टर ने बताया कि पिछले वर्ष आई बाढ़ से प्रभावित इलाकों का विस्तृत निरीक्षण कर पूर्व में तैयार योजनाओं और अनुमानों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही आने वाले मानसून को ध्यान में रखते हुए नई आवश्यकताओं और व्यवस्थाओं का आकलन किया गया। निरीक्षण के दौरान जानकारी दी गई कि गोपालपुरा बांध की ऊंचाई लगभग चार फीट बढ़ाई गई है, जिससे जल संग्रहण क्षमता बढ़ने और शहरी क्षेत्रों में बाढ़ के खतरे को कम करने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं ऐसे जंक्शन पॉइंट जहां तीन दिशाओं से पानी का बहाव आता है, वहां सुरक्षा बढ़ाने के लिए ऊंची तार फेंसिंग कराने के निर्देश दिए गए।
नानाखेड़ी गेट मार्ग पर जल निकासी की पुरानी समस्या को देखते हुए नाला निर्माण की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। प्रशासन ने नगर पालिका को निर्देश दिए कि नदी और नालों के आसपास जमा कचरा और मलबा तत्काल हटाया जाए तथा जल निकासी मार्ग पूरी तरह अवरोधमुक्त रखे जाएं। कलेक्टर ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि गुनिया नदी में जमा कचरे की सफाई के लिए प्रतिदिन न्यूनतम चार डंपर लगाए जाएं और वर्षा शुरू होने से पहले निर्धारित स्तर तक डंपिंग कार्य पूरा किया जाए। प्रशासन ने यह भी संकेत दिया कि गुनिया नदी परियोजना की विस्तृत योजना शासन को भेजी जा चुकी है और स्वीकृति के बाद बड़े स्तर पर नदी नवीनीकरण एवं रिवर फ्रंट विकास कार्य शुरू किए जा सकते हैं।
निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर अखिलेश जैन, एसडीएम शिवानी पांडे, तहसीलदार जीएस बैरवा तथा लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री कोमल उइके सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. पिछले वर्ष बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का वास्तविक आकलन क्या था और अब तक उन सिफारिशों में से कितने सुधारात्मक कार्य जमीन पर पूरे हुए?
2. गुनिया नदी में हर साल सफाई और मलबा हटाने के बावजूद दोबारा अवरोध क्यों बनते हैं, और इसके लिए जवाबदेही किसकी तय होगी?
3. रिवर फ्रंट डेवलपमेंट और नदी संरक्षण के बीच संतुलन कैसे बनाया जाएगा ताकि भविष्य में विकास कार्य खुद बाढ़ जोखिम का कारण न बनें?
