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| रायसेन; तीन बेटियों की मौत के बाद गांव पहुंचा प्रशासन: संवेदना के साथ व्यवस्था पर भी उठे सवाल Aajtak24 News |
रायसेन - गैरतगंज तहसील के ग्राम सागौर में तीन बालिकाओं की कुएं में डूबने से हुई दर्दनाक मौत के बाद जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा और पीड़ित परिवार से मुलाकात कर सहायता का भरोसा दिया। इस घटना ने गांव में शोक का माहौल पैदा कर दिया है, वहीं प्रशासन ने संवेदना के साथ स्थानीय व्यवस्थाओं की भी समीक्षा शुरू कर दी है। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा रविवार को ग्राम सागौर पहुंचे और पीड़ित परिजनों के घर जाकर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने परिजनों से कहा कि इस कठिन समय में शासन और प्रशासन उनके साथ खड़ा है तथा आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाएगा।
दौरे के दौरान जिला पंचायत सीईओ कमल सोलंकी सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। कलेक्टर ने दुर्घटना स्थल का निरीक्षण कर घटनाक्रम की जानकारी ली और स्थानीय स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की।घटना के बाद कलेक्टर ने गांव में संचालित नल-जल योजना का भी निरीक्षण किया। उन्होंने पीएचई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का संचालन नियमित और प्रभावी तरीके से किया जाए ताकि ग्रामीणों को निर्बाध पेयजल उपलब्ध हो सके। साथ ही जल आपूर्ति व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन का कहना है कि गांव में पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर नजर रखी जाएगी तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. तीन बालिकाओं की मौत के बाद क्या प्रशासन यह जांच करेगा कि गांव में खुले और असुरक्षित जल स्रोतों की पहले से पहचान और सुरक्षा व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
2. यदि गांव में नल-जल योजना संचालित है, तो क्या प्रशासन यह बताएगा कि क्या जल उपलब्धता की कमी के कारण लोग अब भी पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भर हैं?
3. ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या जिले में खुले कुओं, जल स्रोतों और संवेदनशील क्षेत्रों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाएगा या कार्रवाई केवल घटना के बाद तक सीमित रहेगी?
