शहडोल; आसमान से बरसती आग के बीच प्रतिदिन सैकड़ों प्यासे यात्रियों की बुझाई जा रही है प्यास Aajtak24 News

शहडोल; आसमान से बरसती आग के बीच प्रतिदिन सैकड़ों प्यासे यात्रियों की बुझाई जा रही है प्यास Aajtak24 News

शहडोल - इन दिनों नौतपा की भीषण गर्मी से पूरी धरती तप रही है और आसमान से लगातार आग बरस रही है। इस चिलचिलाती धूप और जानलेवा उमस के बीच जहां लोग घरों से निकलने में कतरा रहे हैं, वहीं समाज के कुछ सजग प्रहरी मानवता की रक्षा के लिए आगे आए हैं। शहर के सुप्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. एल. पी. सराफ और उनकी समर्पित टीम ने इस भीषण संकट में रेल यात्रियों की प्यास बुझाने का बीड़ा उठाया है।

प्रतिदिन स्टेशन पर पहुंच यात्रियों को पिला रहे शीतल जल

डॉ. एल. पी. सराफ के नेतृत्व में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों की टोली प्रतिदिन रेलवे स्टेशन पहुंच रही है। भीषण गर्मी में ट्रेनों के भीतर सफर कर रहे परेशान यात्रियों को इस टीम द्वारा रोक-रोक कर शीतल और स्वच्छ जल पिलाया जा रहा है। नौतपा के इस दौर में सफर कर रहे यात्रियों के लिए यह सेवा किसी संजीवनी से कम साबित नहीं हो रही है। इस मानवीय कार्य की हर तरफ जमकर सराहना की जा रही है।

इन सेवाभावी साथियों का मिल रहा है निरंतर सहयोग

मानव सेवा के इस अनुपम उदाहरण को प्रस्तुत करने में डॉ. सराफ के साथ आजाद बहादुर सिंह, पुष्पेंद्र खरे, गुड्डू, रविंद्र सिंह, इशाक खान, प्रत्यूष रजक, अनुशील सिन्हा 'निक्की', शेखर दंड, प्रशांत नामदेव, क्रिस्टी, इब्राहिम और याकूब भाई सहित तमाम साथी पूरी निष्ठा के साथ मैदान में डटे हुए हैं। यह पूरी टीम बिना किसी स्वार्थ के प्रतिदिन अपना समय निकालकर यात्रियों की सेवा में जुटी है।

इंसानियत ही सबसे बड़ा धर्म:

इस सेवा कार्य को देखने वाले प्रबुद्ध जनों का कहना है कि सेवा का यह अटूट भाव बताता है कि इंसानियत आज भी जीवित है। जब इस तपती गर्मी में किसी प्यासे को पानी मिले, तो वही सबसे बड़ी पूजा और सबसे बड़ा धर्म बन जाता है। इस पावन अभियान ने साबित कर दिया है कि संकट चाहे जितना भी बड़ा हो, सामूहिक प्रयासों और सेवा भाव से समाज को एक नई दिशा और प्रेरणा दी जा सकती है।

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