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| बैतूल; गांवों में पानी पहुंचा, लेकिन सवाल बाकी: कलेक्टर ने मांगा स्थायी समाधान का रोडमैप Aajtak24 News |
बैतूल - गर्मी के मौसम में बढ़ती पेयजल चुनौतियों के बीच जिला प्रशासन ने प्रभावित ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा कर अधिकारियों को त्वरित राहत के साथ स्थायी समाधान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। पेयजल संकट से प्रभावित गांवों में जल आपूर्ति बहाल करने के साथ भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इस पर विशेष जोर दिया गया। कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर पेयजल व्यवस्था की स्थिति का आकलन किया।
बैठक में कार्यपालन यंत्री मनोज बघेल ने जानकारी दी कि भ्रमण और रात्रि चौपाल के दौरान प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए झिरियाडोह में तत्काल पेयजल आपूर्ति शुरू कराई गई। इसी प्रकार गवासेन में बिजली संबंधी समस्या के कारण प्रभावित जल आपूर्ति को वैकल्पिक लाइन कनेक्शन से बहाल किया गया। चिरापाटला तथा आमढाना में भी पेयजल संबंधी शिकायतों का समाधान किया गया। वहीं आमला क्षेत्र के कोठिया और रंभाखेड़ी में भी जल आपूर्ति पुनः शुरू कराई गई।
भैंसदेही क्षेत्र के काबरा एवं काबरा रैयत में निजी नलकूप से पाइपलाइन जोड़कर वर्तमान संकट का समाधान किया गया है। प्रशासन के अनुसार दोनों गांवों के लिए स्थायी समाधान की अलग कार्ययोजना भी तैयार की जा रही है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि हाल में प्रभावित क्षेत्रों में आगामी गर्मियों में दोबारा संकट की स्थिति न बने। इसके लिए विभिन्न निधियों से नलकूप खनन प्रस्ताव तैयार किए जाएं और जल स्रोतों का वैज्ञानिक चिन्हांकन किया जाए ताकि असफल बोरिंग जैसी स्थिति से बचा जा सके।
बैठक में जल निगम की प्रगतिरत परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए समयसीमा और नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया। बैठक में अपर कलेक्टर वंदना जाट सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. जिन गांवों में हर वर्ष गर्मी के दौरान पानी की समस्या आती है, वहां अब तक स्थायी जल स्रोत विकसित क्यों नहीं हो पाए?
2. निजी नलकूपों के जरिए तत्काल समाधान किया गया है—लेकिन क्या यह व्यवस्था लंबे समय तक टिकाऊ और आर्थिक रूप से व्यवहारिक है?
3. जल स्रोत चिन्हांकन और नलकूप खनन की बात की गई है—क्या इसके लिए कोई वैज्ञानिक सर्वे और सार्वजनिक समयसीमा भी तय की गई है?
