| एमसीबी; कलेक्ट्रेट में लगी उम्मीदों की कतार… किसी ने मांगा मुआवजा, किसी ने घर-राशन Aajtak24 News |
एमसीबी - जिला मुख्यालय में आयोजित साप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में मंगलवार को लोगों ने अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के सामने रखीं। समय-सीमा बैठक के बाद आयोजित जनदर्शन में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी सुश्री संतन देवी जांगड़े ने जिलेभर से पहुंचे नागरिकों की शिकायतें सुनीं और संबंधित विभागों को संवेदनशीलता के साथ समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। जनदर्शन में कुल 21 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें भूमि विवाद, मुआवजा भुगतान, राशन, आवास, पेंशन, मानदेय, जल जीवन मिशन, अवैध उत्खनन और अन्य जनसमस्याओं से जुड़े मामले प्रमुख रहे।
कार्यक्रम में कई आवेदकों ने लंबे समय से लंबित मामलों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। किसी ने मानदेय भुगतान की मांग रखी, तो किसी ने भूमि विवाद और अधिग्रहण मुआवजे से जुड़े प्रकरण प्रस्तुत किए। वहीं कुछ आवेदनों में आवासीय समस्याएं, जल आपूर्ति और सार्वजनिक योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़ी शिकायतें भी सामने आईं।
जनदर्शन के दौरान स्थानीय निर्वाचन कार्य के भुगतान, कर्ज माफी, पेंशन की बकाया राशि, भूमि नामांतरण, अवैध उत्खनन, स्कूल भुगतान और राशन वितरण जैसे विषय भी चर्चा में रहे। कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शिकायतों का निराकरण केवल औपचारिक प्रक्रिया न बनकर वास्तविक समाधान आधारित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनदर्शन आमजन और प्रशासन के बीच भरोसे का माध्यम है, इसलिए प्रत्येक आवेदन को प्राथमिकता के साथ लिया जाए। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर पात्र हितग्राहियों को वास्तविक राहत उपलब्ध कराई जाए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. जनदर्शन में हर सप्ताह आवेदन लिए जाते हैं—लेकिन पिछले महीनों में कितने मामलों का वास्तविक निराकरण हुआ और कितने अब भी लंबित हैं?
2. जिन मामलों में नागरिक पहले भी आवेदन दे चुके हैं, वहां संबंधित विभागों की जवाबदेही तय करने के लिए क्या कार्रवाई होगी?
3. अवैध उत्खनन, मुआवजा और जल जीवन मिशन जैसी बार-बार आने वाली शिकायतों को रोकने के लिए प्रशासन की स्थायी रणनीति क्या है?