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| रायसेन; कलेक्टर ने राजस्व और सीएम हेल्पलाइन पर बढ़ाया दबाव Aajtak24 News |
रायसेन - जिले में लंबित राजस्व प्रकरणों और सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के तेजी से निराकरण के लिए प्रशासन ने मॉनिटरिंग का तरीका और सख्त कर दिया है। कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा द्वारा प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से प्रगति की समीक्षा की जा रही है, जिसका असर अब लंबित मामलों की संख्या और निराकरण की गति पर दिखाई देने का दावा किया जा रहा है।
गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष से आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने अनुभाग और तहसीलवार राजस्व प्रकरणों तथा सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने सभी एसडीएम और तहसीलदारों से गत दिवस निराकृत मामलों, लंबित प्रकरणों और दिनभर की कार्ययोजना की जानकारी ली।
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन सहित सभी राजस्व प्रकरणों का समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल संख्या बढ़ाना पर्याप्त नहीं, बल्कि समाधान ऐसा हो जिससे नागरिकों को दोबारा शिकायत न करनी पड़े।
बैठक में फार्मर रजिस्ट्री और ई-विकास टोकन प्रणाली की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि किसान पंजीयन कार्य में तेजी लाई जाए और खाद वितरण व्यवस्था से जुड़ी जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए। साथ ही किसानों की समस्याओं के निराकरण के लिए मैदानी अमले को अधिक सक्रिय रहने को कहा गया।
कलेक्टर ने 50 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों को प्राथमिकता से हल करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों के निराकरण और उसकी जानकारी सीधे आवेदकों तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। बैठक में मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा भी की गई।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. यदि रोजाना समीक्षा के बावजूद अभी भी बड़ी संख्या में राजस्व प्रकरण लंबित हैं, तो क्या जिला प्रशासन देरी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करेगा?
2. सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण में तेजी का दावा किया जा रहा है— क्या प्रशासन यह भी बताएगा कि कितनी शिकायतें दोबारा खुलीं या आवेदकों ने समाधान से असंतोष जताया?
3. समयसीमा में निराकरण पर जोर दिया जा रहा है, लेकिन क्या गुणवत्ता जांच के लिए कोई स्वतंत्र व्यवस्था है ताकि जल्दबाजी में गलत आदेश या अधूरा समाधान न हो?
