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| अशोकनगर; खेती बदलेगी या सिर्फ प्रचार? गांव पहुंचा कृषि रथ, किसानों को बताई नई खेती की दिशा Aajtak24 News |
अशोकनगर - किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों, सरकारी सुविधाओं और बदलती खेती पद्धतियों से जोड़ने के उद्देश्य से जिले में कृषि रथ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पंचायत ईसागढ़ के ग्राम गहौरा में कृषि रथ के माध्यम से किसानों को विभिन्न कृषि योजनाओं और खरीफ फसल की तैयारी संबंधी जानकारी दी गई।अभियान के दौरान किसानों को ई-टोकन व्यवस्था, प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण, मृदा स्वास्थ्य कार्ड तथा आगामी खरीफ सीजन की तैयारी के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने किसानों को समझाया कि बदलते मौसम और लागत के बीच टिकाऊ खेती पद्धतियां अपनाना भविष्य की जरूरत बनती जा रही हैं।
ग्राम चौपाल आयोजित कर किसानों के साथ संवाद भी किया गया, जिसमें उनकी समस्याएं सुनी गईं और कृषि संबंधी आवश्यक जानकारी साझा की गई। अधिकारियों ने किसानों को खेती में तकनीक आधारित निर्णय और वैज्ञानिक सलाह लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में उपसंचालक कृषि अमित सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र अशोकनगर से डॉ. बी. एस. गुप्ता, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी ईसागढ़ मुकेश रघुवंशी तथा ब्लॉक टेक्नोलॉजी मैनेजर बैजनाथ यादव उपस्थित रहे।
प्रशासन का कहना है कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाकर उन्हें अधिक उत्पादक और टिकाऊ खेती के लिए तैयार किया जा रहा है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. कृषि रथ से जानकारी देने के बाद क्या प्रशासन यह ट्रैक करेगा कि कितने किसानों ने वास्तव में प्राकृतिक खेती, फसल विविधीकरण या ई-टोकन प्रणाली अपनाई?
2. किसानों को जागरूक करने के ऐसे अभियानों पर होने वाले खर्च और उसके वास्तविक परिणामों का कोई सार्वजनिक मूल्यांकन किया जाता है या नहीं?
3. जब कई क्षेत्रों में किसान अभी भी बाजार, सिंचाई और लागत की समस्या से जूझ रहे हैं, तो क्या केवल जागरूकता कार्यक्रमों से खेती में वास्तविक बदलाव संभव है?
