गौरेला-पेंड्रा; कलेक्टर और एसपी ने दिए निर्देश—नशीले पदार्थों की खेती, बिक्री और परिवहन पर कार्रवाई तेज होगी Aajtak24 News

गौरेला-पेंड्रा; कलेक्टर और एसपी ने दिए निर्देश—नशीले पदार्थों की खेती, बिक्री और परिवहन पर कार्रवाई तेज होगी Aajtak24 News

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही - नशे के बढ़ते खतरे और उसके बदलते नेटवर्क को देखते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में प्रशासन ने अवैध मादक पदार्थों के कारोबार पर सख्ती का संकेत दिया है। जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक में मादक पदार्थों की अवैध खेती, खरीदी-बिक्री और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए कई निर्देश जारी किए गए। अरपा सभाकक्ष में आयोजित बैठक में कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन और पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी ने संबंधित विभागों को समन्वित कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं बल्कि अवैध कारोबार की पूरी श्रृंखला—उत्पादन से लेकर वितरण तक—पर निगरानी मजबूत करना बताया गया।

बैठक में पूर्व समीक्षा के बिंदुओं की जानकारी देते हुए प्रशासन ने विभागीय स्तर पर निगरानी और कार्रवाई की स्थिति पर चर्चा की। कलेक्टर ने जिले के सभी मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस सत्यापन कराने और प्रशासन द्वारा गठित टीमों से नियमित जांच कराने के निर्देश दिए। विशेष रूप से नशीली दवाओं की बिक्री, नकली दवाओं और एक्सपायरी दवाओं की निगरानी पर जोर दिया गया। बैठक में यह भी तय किया गया कि समाज कल्याण विभाग के सहयोग से जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि लोगों को नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी जा सके।

स्कूल, कॉलेज और आश्रम-छात्रावास जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को विशेष निगरानी के दायरे में रखने पर भी चर्चा हुई। निर्देश दिए गए कि इन संस्थानों के आसपास किसी भी प्रकार के अनाधिकृत नशीले पदार्थों के व्यापार को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही तंबाकू नियंत्रण कानून (कोटपा) अधिनियम के तहत चलानी कार्रवाई को भी तेज करने की बात कही गई। बैठक में प्रशासन, स्वास्थ्य, शिक्षा, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, कृषि, आबकारी और समाज कल्याण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। हालांकि प्रशासनिक बैठकों और निर्देशों के बीच बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि क्या कार्रवाई केवल निरीक्षण और अभियान तक सीमित रहेगी या अवैध नेटवर्क पर वास्तविक कानूनी कार्रवाई और परिणाम भी सामने आएंगे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. पिछले एक वर्ष में जिले में अवैध नशीले पदार्थों की खेती, बिक्री और परिवहन से जुड़े कितने मामले दर्ज हुए और उनमें से कितनों में दोषसिद्धि या अंतिम कार्रवाई हुई?

2. मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस सत्यापन और नशीली दवाओं की जांच के लिए गठित टीमों की रिपोर्ट सार्वजनिक की जाएगी या नहीं, ताकि कार्रवाई की पारदर्शिता बनी रहे?

3. स्कूलों, कॉलेजों और छात्रावासों के आसपास नशे के अवैध कारोबार को रोकने के लिए क्या कोई नियमित सर्विलांस, हॉटस्पॉट मैपिंग या संयुक्त अभियान की समयबद्ध योजना बनाई गई है?

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