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| विदिशा; गेहूँ खरीदी केंद्र पर पहुँचे बैंक प्रशासक, किसानों से किया सीधा संवाद Aajtak24 News |
विदिशा - गेहूँ उपार्जन व्यवस्था को लेकर राज्य सहकारी बैंक के प्रशासक महेन्द्र सिंह यादव ने गुरुवार को जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित विदिशा की शाखा सिरोंज अंतर्गत समिति हाजीपुर के गेहूँ उपार्जन केंद्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सीधे किसानों से बातचीत कर खरीदी, तौल और भुगतान व्यवस्था की जमीनी स्थिति को समझने का प्रयास किया।
निरीक्षण के दौरान प्रशासक ने केवल गेहूँ उपार्जन तक ही चर्चा सीमित नहीं रखी, बल्कि सहकारिता गतिविधियों, ऊर्जा संरक्षण, सदस्यता महाअभियान और हरित सहकार अभियान की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों और समिति कर्मचारियों के साथ बैठक कर उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति जानी।
उन्होंने वर्तमान वैश्विक ऊर्जा संकट का उल्लेख करते हुए ऊर्जा बचत को व्यवहार का हिस्सा बनाने पर जोर दिया। कृषि और सहकारिता क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों से अपील की गई कि वे ग्रामीण स्तर तक ऊर्जा संरक्षण को जन-अभियान के रूप में आगे बढ़ाएं।
बैठक में स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “वोकल फॉर लोकल” संदेश भी दिया गया। वहीं “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के तहत बैंक मुख्यालय और पैक्स स्तर पर तय पौधरोपण लक्ष्य समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए। हरित सहकार अभियान को पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण विकास से जोड़ते हुए इसे प्राथमिकता देने की बात कही गई।
निरीक्षण के दौरान “कृषक कल्याण वर्ष-2026” के अंतर्गत चल रहे सदस्यता महाअभियान की समीक्षा भी हुई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि अधिक से अधिक किसानों को सहकारी समितियों से जोड़कर निर्धारित अवधि में लक्ष्य हासिल किया जाए।
इसके साथ ही ई-विकास प्रणाली के तहत ई-टोकन आधारित खाद वितरण व्यवस्था पर किसानों से संवाद किया गया। प्रशासक ने सुझाव दिया कि बी-पैक्स संस्थाओं की वार्षिक आमसभा में उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया जाए ताकि किसानों का मनोबल बढ़े और सहकारी व्यवस्था में उनकी भागीदारी मजबूत हो।
निरीक्षण के दौरान बैंक एवं सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
2. सदस्यता महाअभियान के तहत नए किसानों को जोड़ने का लक्ष्य तय है, लेकिन क्या यह भी तय किया गया है कि सदस्य बनने के बाद उन्हें वास्तविक आर्थिक लाभ कितना मिला?
3. हरित सहकार और ऊर्जा संरक्षण अभियान की बात हो रही है, लेकिन क्या जिला स्तर पर सहकारी संस्थाओं की ऊर्जा खपत कम करने या सौर ऊर्जा अपनाने के लिए कोई समयबद्ध कार्ययोजना बनाई गई है?
