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| शिवपुरी; ईद और मोहर्रम से पहले प्रशासन का बड़ा संदेश: शोर नहीं, सौहार्द चाहिए Aajtak24 News |
शिवपुरी - आगामी ईदुज्जुहा और मोहर्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। इसी उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा की अध्यक्षता में सद्भावना एवं समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रशासन और समाज के प्रतिनिधियों ने मिलकर त्योहारों के दौरान व्यवस्था बनाए रखने पर चर्चा की। बैठक में कलेक्टर ने कहा कि त्योहार केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे के प्रतीक होते हैं। उन्होंने कहा कि शांति बनाए रखने में प्रशासन के साथ-साथ समाज के प्रबुद्ध नागरिकों और समुदाय के जिम्मेदार लोगों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
बैठक के दौरान ईदुज्जुहा और मोहर्रम के मद्देनजर शहर की मस्जिदों, ईदगाहों, कार्यक्रम स्थलों और जुलूस मार्गों पर विशेष साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नगरपालिका को त्योहार से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने के लिए कहा गया। बिजली आपूर्ति को लेकर भी प्रशासन सतर्क नजर आया। विद्युत वितरण कंपनी को निर्देश दिए गए कि त्योहारों के दौरान निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए और किसी तकनीकी खराबी की स्थिति में तत्काल समाधान की व्यवस्था रखी जाए।
बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय तेज ध्वनि वाले डीजे पर नियंत्रण रहा। समिति के सदस्यों की सहमति से यह निर्णय लिया गया कि तय डेसिबल सीमा से अधिक आवाज वाले डीजे संचालन पर सख्ती से रोक लागू की जाए। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए कि धार्मिक आयोजनों के नाम पर ध्वनि नियमों का उल्लंघन स्वीकार नहीं किया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी थाना प्रभारियों को विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। नमाज और जुलूस के दौरान पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने, रूट डायवर्जन लागू करने, पार्किंग व्यवस्था बनाने और यातायात सुचारू रखने की तैयारी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को भी आकस्मिक चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की कि त्योहारों को परंपरा और अनुशासन के साथ मनाएं तथा किसी भी विवाद या अफवाह की स्थिति में तत्काल प्रशासन से संपर्क करें।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. हर वर्ष त्योहारों से पहले डीजे और ध्वनि नियंत्रण के निर्देश जारी होते हैं, लेकिन पिछले वर्षों में तय डेसिबल सीमा तोड़ने वालों पर वास्तविक कार्रवाई कितनी हुई और उसका सार्वजनिक रिकॉर्ड क्यों उपलब्ध नहीं है?
2. प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की बात की है, लेकिन क्या संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर वहां अतिरिक्त निगरानी और संसाधनों की अलग योजना बनाई गई है?
3. बिजली, स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्थाओं के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन यदि त्योहार के दिन किसी विभाग की लापरवाही सामने आती है तो जवाबदेही तय करने का तंत्र क्या होगा?
