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| जबलपुर; संभागायुक्त ने फाइलों से बाहर निकलकर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी Aajtak24 News |
जबलपुर - संभाग में प्रशासनिक निगरानी को तेज करते हुए संभागायुक्त धनंजय सिंह ने शुक्रवार को बीजाडांडी विकासखंड का दौरा कर गेहूं उपार्जन और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
खरीदी केंद्र पहुंचकर देखा—भंडारण से भुगतान तक क्या स्थिति है
संभागायुक्त ने दीपिका वेयरहाउस स्थित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति नारायणगंज के गेहूं खरीदी केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान खरीदी व्यवस्था, भंडारण, परिवहन और भुगतान की स्थिति की समीक्षा की गई।
उन्होंने अधिकारियों से दैनिक उपार्जन प्रगति की जानकारी ली और निर्देश दिए कि खरीदी के लिए जो स्लॉट शेष हैं, उनमें निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा किया जाए।
साथ ही नागरिक आपूर्ति निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक को निर्देशित किया गया कि वेयरहाउस स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग हो और शासन द्वारा तय गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
नोडल अधिकारियों की जिम्मेदारी तय
निरीक्षण के दौरान यह भी बताया गया कि गेहूं उपार्जन की निगरानी के लिए जिला स्तर से लेकर प्रत्येक खरीदी केंद्र तक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। संभाग स्तर पर भी अधिकारियों को अलग-अलग जिले सौंपे गए हैं ताकि नियमित निगरानी हो सके।
संभागायुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल रिकॉर्ड आधारित समीक्षा पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि उपार्जन केंद्रों का लगातार मैदानी निरीक्षण भी जरूरी होगा।
अस्पताल में इलाज से लेकर भोजन तक पर नजर
खरीदी केंद्र के बाद संभागायुक्त ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बीजाडांडी का निरीक्षण किया और स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान मरीजों के बेड पर टीपीआर चार्ट अपडेट रखने, डाइट चार्ट के अनुसार भोजन उपलब्ध कराने, टीकाकरण संबंधी जानकारी सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित करने और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
इसके साथ गर्भवती महिलाओं के एएनसी पंजीयन, टीबी एवं सिकल सेल मरीजों की जांच को भी नियमानुसार संचालित करने पर जोर दिया गया।
अस्पतालों में बुनियादी सुविधाओं पर भी निर्देश
निरीक्षण के दौरान अस्पताल के सभी वार्डों में स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए ताकि मरीजों को बेहतर वातावरण मिल सके।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. यदि उपार्जन केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग पहले से हो रही थी, तो फिर निरीक्षण के दौरान किन कमियों के कारण अतिरिक्त निर्देश देने की जरूरत पड़ी?
2. गेहूं खरीदी में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की बात कही गई है, लेकिन अब तक कितने मामलों में मानक से कम गुणवत्ता मिलने पर कार्रवाई की गई?
3. स्वास्थ्य केंद्र में टीपीआर चार्ट, डाइट और स्वच्छता पर निर्देश दिए गए—क्या इसका मतलब है कि निरीक्षण से पहले इन व्यवस्थाओं में कमी थी, और यदि थी तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी?
