| गौरेला-पेंड्रा; मजदूरी से ‘लखपति दीदी’ तक का सफर: बकरी पालन ने बदली उद कुंवर की किस्मत Aajtak24 News |
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही - जिले के पेण्ड्रा विकासखंड के ग्राम कोडगार की उद कुंवर भानु ने मेहनत, आत्मविश्वास और सही मार्गदर्शन के दम पर अपनी जिंदगी की दिशा ही बदल दी है। कभी मजदूरी करके परिवार का भरण-पोषण करने वाली उद कुंवर आज “लखपति दीदी” के रूप में पहचान बना चुकी हैं। वर्ष 2017 में वह राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) की “जय मां संतोषी महिला स्व सहायता समूह” से जुड़ीं। यहां उन्हें वित्तीय साक्षरता का प्रशिक्षण मिला और सामुदायिक निवेश निधि (CIF) से 30 हजार रुपये का ऋण लेकर उन्होंने 5 बकरियों के साथ बकरी पालन की शुरुआत की।
शुरुआत में छोटे स्तर पर शुरू किया गया यह काम धीरे-धीरे बढ़ता गया। उद कुंवर ने आगे 15 हजार रुपये का अतिरिक्त ऋण लेकर और बकरियां खरीदीं। इसके बाद उन्होंने “पशु सखी” के माध्यम से बकरी पालन, आहार प्रबंधन और देखभाल का प्रशिक्षण लिया। घरेलू उपचार और बेहतर देखभाल की वजह से उनकी बकरियों की संख्या लगातार बढ़ती गई। हैं और वह स्थानीय बाजारों में बकरियों की बिक्री कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। उनकी वार्षिक आय अब 1 लाख रुपये से अधिक हो चुकी है। अब वे बकरी पालन के साथ-साथ मुर्गी पालन शुरू करने की योजना भी बना रही हैं ताकि आय को और बढ़ाया जा सके।
इस सफलता की कहानी को देखते हुए कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवागन और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे ने उनके कार्यस्थल का भ्रमण किया और उनके प्रयासों की सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे मॉडल ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का उदाहरण हैं, जो यह साबित करते हैं कि सही प्रशिक्षण और सहायता मिलने पर छोटे स्तर का व्यवसाय भी बड़ी सफलता में बदल सकता है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- क्या “लखपति दीदी” जैसी सफलता की कहानियां केवल चुनिंदा मामलों तक सीमित हैं, या वास्तव में जिले में बड़ी संख्या में महिलाएं इस आय स्तर तक पहुंच पाई हैं?
- बिहान और CIF ऋण योजनाओं में कितनी महिलाओं को वास्तविक प्रशिक्षण और बाजार उपलब्ध कराया गया, ताकि वे अपने उत्पाद (बकरी/मुर्गी पालन) को स्थायी आय में बदल सकें?
- क्या सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि बकरी पालन जैसी योजनाओं में बीमारी, बाजार गिरावट या प्राकृतिक नुकसान होने पर इन महिलाओं को बीमा या वित्तीय सुरक्षा भी मिले?