शिवपुरी में कलेक्टर का अल्टीमेटम—एक भी युवा जानकारी के अभाव में न छूटे Aajtak24 News

शिवपुरी में कलेक्टर का अल्टीमेटम—एक भी युवा जानकारी के अभाव में न छूटे Aajtak24 News

शिवपुरी - जिले में नए शैक्षणिक सत्र 2026–27 को लेकर प्रशासन ने कौशल आधारित शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए बड़ा लक्ष्य तय किया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में संचालित आईटीआई संस्थानों में शत-प्रतिशत प्रवेश सुनिश्चित किया जाए और कोई भी सीट खाली न रहे। जिला कौशल विकास समिति की बैठक में उन्होंने कहा कि आईटीआई केवल प्रशिक्षण संस्थान नहीं बल्कि युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा देने वाले केंद्र हैं। ऐसे में समय पर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करना और युवाओं तक सही जानकारी पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

जानकारी के अभाव में अवसर न छूटे

बैठक में यह बात सामने रखी गई कि कई युवा केवल जानकारी के अभाव में समय पर प्रवेश नहीं ले पाते। इसे देखते हुए कलेक्टर ने शिक्षा विभाग और संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि प्रवेश प्रक्रिया, पाठ्यक्रम और अवसरों की जानकारी गांव-गांव और अधिकतम माध्यमों से पहुंचाई जाए। प्रशासन ने संकेत दिए कि प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियान को मजबूत किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी कौशल आधारित पाठ्यक्रमों से जुड़ सकें।

योजनाओं की प्रगति की समीक्षा

बैठक में युवाओं के कौशल और रोजगार से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इनमें मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना, पीएम इंटर्नशिप योजना और नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम के क्रियान्वयन की स्थिति पर चर्चा हुई। उद्देश्य यह रहा कि प्रशिक्षण केवल प्रमाणपत्र तक सीमित न रहे बल्कि युवाओं को रोजगार और उद्योगों से जोड़ने की दिशा में ठोस परिणाम सामने आएं।

आईटीआई परिसरों के आसपास निगरानी के निर्देश

बैठक में एक महत्वपूर्ण सामाजिक पहलू पर भी ध्यान दिया गया। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि आईटीआई परिसरों और उनकी बाउंड्री के आसपास संचालित ठेला-गुमठियों पर नशीले पदार्थों की बिक्री किसी भी स्थिति में न होने दी जाए। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजय राज सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. पिछले तीन शैक्षणिक सत्रों में जिले की आईटीआई सीटों का वास्तविक प्रवेश प्रतिशत कितना रहा और कितने छात्र बीच में प्रशिक्षण छोड़कर बाहर हुए?

2. यदि शत-प्रतिशत प्रवेश लक्ष्य है, तो क्या प्रशासन ने यह भी तय किया है कि प्रशिक्षण के बाद कितने युवाओं को वास्तविक रोजगार या अप्रेंटिसशिप मिलेगी?

3. आईटीआई परिसरों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री रोकने की बात कही गई है, लेकिन अब तक कितनी जांच, कार्रवाई या एफआईआर दर्ज की गई हैं?

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