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| छिंदवाड़ा में ईदुज्जुहा की तैयारियां तेज, प्रशासन ने शांति और व्यवस्थाओं पर बनाया विशेष प्लान Aajtak24 News |
छिंदवाड़ा - जिले में ईदुज्जुहा (बकरा ईद) पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। पर्व को लेकर जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें कानून व्यवस्था, साफ-सफाई, ट्रैफिक, पेयजल और विद्युत आपूर्ति सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने की।
तय समय पर होगी नमाज, बारिश की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था
प्रशासन के अनुसार ईदुज्जुहा का पर्व 28 मई 2026 को मनाया जाएगा। नमाज शहर के विभिन्न स्थलों पर अलग-अलग समय पर आयोजित होगी। जामा मस्जिद गोलगंज में सुबह 6:30 बजे, नूरी मस्जिद ऊंटखाना में सुबह 7:00 बजे, बड़ी ईदगाह में 7:30 बजे, छोटी ईदगाह में 8:00 बजे और रिसाला मस्जिद में सुबह 8:30 बजे नमाज अदा की जाएगी। बारिश की स्थिति में सभी ईदगाहों के साथ शहर की मस्जिदों में सुबह 6:30 बजे से 9 बजे के बीच नमाज की वैकल्पिक व्यवस्था रखी गई है।
प्रशासन और पुलिस ने मांगा सहयोग
शांति समिति की बैठक में सदस्यों ने प्रशासन और पुलिस द्वारा पूर्व में किए गए प्रबंधन की सराहना की और आगामी त्योहारों में भी सहयोग का भरोसा दिया। कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की कि जिले की परंपरा के अनुरूप भाईचारे और शांति के साथ पर्व मनाया जाए तथा किसी भी प्रकार की अफवाह से बचा जाए। समिति के सुझावों के आधार पर नमाज स्थलों और मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में एक दिन पहले रात से पैदल गश्त और अतिरिक्त पुलिस व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं।
सफाई, बिजली और यातायात पर विशेष फोकस
प्रशासन ने नगर निगम को निर्देश दिए हैं कि कुर्बानी के बाद निकलने वाले अवशेषों का सुरक्षित और व्यवस्थित निस्तारण किया जाए। इसके अलावा नमाज स्थलों के आसपास सफाई, नालियों की सफाई, अतिक्रमण हटाने, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। बिजली विभाग को सुबह 6 से 9 बजे तक निर्बाध आपूर्ति बनाए रखने और खुले तारों को सुरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं ट्रैफिक पुलिस को प्रमुख नमाज स्थलों और मार्गों पर सुबह 6 बजे से 11 बजे तक विशेष यातायात व्यवस्था लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. हर साल शांति समिति की बैठक होती है, लेकिन पिछले तीन वर्षों में त्योहारों के दौरान सामने आई प्रमुख व्यवस्थागत कमियों पर क्या सुधारात्मक रिपोर्ट तैयार की गई?
2. नमाज स्थलों पर सुरक्षा और सुविधाओं की व्यवस्था की बात हुई है, लेकिन क्या प्रशासन ने भीड़ प्रबंधन और आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया के लिए अलग प्रोटोकॉल भी तैयार किया है?
3. कुर्बानी के बाद अपशिष्ट निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन क्या नगर निगम के पास इसके लिए पर्याप्त संसाधन, वाहन और निगरानी तंत्र उपलब्ध है या नहीं?
