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| डिंडोरी में प्रशासनिक पुनर्गठन पर मंथन, सरकार अब ‘फाइल से गांव’ की दूरी मापेगी Aajtak24 News |
डिंडोरी - जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तहत मध्यप्रदेश प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग की जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासनिक सीमाओं से आगे बढ़कर शासन सेवाओं की पहुंच, विभागीय समन्वय और ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रशासन की प्रभावशीलता पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की अध्यक्षता आयोग के अध्यक्ष एस एन मिश्रा, सचिव अक्षय कुमार सिंह तथा सदस्य मनोज शुक्ला ने की।
केवल सीमांकन नहीं, प्रशासन और जनता के बीच दूरी घटाने की कवायद
बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपनी वर्तमान प्रशासनिक स्थिति, उपलब्ध संसाधनों, क्षेत्रीय जरूरतों और संचालन संबंधी चुनौतियों को आयोग के सामने रखा। विशेष चर्चा इस बात पर हुई कि प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन के जरिए ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों को शासकीय सेवाएं अधिक सरल, सुलभ और समयबद्ध तरीके से कैसे उपलब्ध कराई जा सकती हैं। आयोग ने तहसील, विकासखंड और ग्राम स्तर तक प्रशासनिक पहुंच मजबूत करने तथा विभागीय कार्यप्रणाली में सुधार को लेकर सुझाव आमंत्रित किए।
आयोग का संकेत—पुनर्गठन का मतलब सिर्फ नई सीमाएं नहीं
बैठक के दौरान आयोग अध्यक्ष ने कहा कि प्रशासनिक पुनर्गठन केवल नक्शे पर सीमाएं बदलने का विषय नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शासन और आमजन के बीच बेहतर समन्वय बनाना है। सचिव ने बताया कि प्रदेशभर में विभिन्न स्तरों पर बैठकों के जरिए जमीनी स्थिति का अध्ययन किया जा रहा है और मैदानी अधिकारियों से मिले सुझाव भविष्य की संरचना तय करने में उपयोगी होंगे। सदस्य ने स्थानीय जरूरतों के अनुरूप संतुलित और व्यावहारिक पुनर्गठन को समय की आवश्यकता बताया।
सुझावों के आधार पर तैयार होंगी अनुशंसाएं
बैठक में अधिकारियों को विभागवार आवश्यक जानकारी और सुझाव निर्धारित समय सीमा में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। आयोग प्राप्त तथ्यों और सुझावों के आधार पर प्रशासनिक इकाइयों के सुदृढ़ीकरण और पुनर्गठन के लिए अनुशंसाएं तैयार करेगा। बैठक में कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया सहित विभिन्न प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
2. पिछले वर्षों में बने नए प्रशासनिक ढांचों का कोई स्वतंत्र मूल्यांकन हुआ है या नहीं कि उनसे वास्तव में आम नागरिक को कितना लाभ मिला?
3. यदि पुनर्गठन के बाद नए कार्यालय, स्टाफ और संसाधनों की जरूरत पड़ेगी, तो इसके लिए अलग वित्तीय रोडमैप और समयसीमा क्या होगी?
