| रायगढ़; यातायात पुलिस की सघन कार्रवाई में भारी वाहन से लेकर बिना हेल्मेट तक पर शिकंजा Aajtak24 News |
रायगढ़ - सड़क हादसों को केवल दुर्घटना नहीं बल्कि जवाबदेही का विषय मानते हुए रायगढ़ पुलिस ने यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाया है। जिले में चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान के दौरान एक ही दिन में रिकॉर्ड 120 वाहनों पर कार्रवाई की गई और कुल ₹1,51,700 की चालानी राशि वसूली गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में यह अभियान जिले के हाईवे और शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर चलाया गया। अभियान का उद्देश्य केवल नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाना नहीं बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और सुरक्षित यातायात संस्कृति विकसित करना बताया गया।
कार्रवाई के दौरान सबसे ज्यादा फोकस गेरवानी–पूंजीपथरा मार्ग पर रहा, जहां भारी वाहनों के खिलाफ रिकॉर्ड स्तर पर चालानी कार्रवाई की गई। इसके अलावा शहर के विभिन्न हिस्सों में ओवर स्पीड, खतरनाक ड्राइविंग, नो पार्किंग, गलत रजिस्ट्रेशन डिस्प्ले, तीन सवारी, बिना हेल्मेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों पर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई की गई। यातायात पुलिस ने कुल 120 मामलों में कार्रवाई दर्ज कर जुर्माना वसूला। प्रशासन का कहना है कि अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
इस कार्रवाई को हाल के सड़क हादसों के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। पुलिस ने संकेत दिया है कि गंभीर सड़क दुर्घटनाओं को अब केवल ट्रैफिक उल्लंघन नहीं माना जाएगा, बल्कि परिस्थितियों के अनुसार गंभीर आपराधिक धाराओं में भी कार्रवाई की जा सकती है। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने संदेश दिया कि सड़क पर लापरवाही केवल नियम तोड़ना नहीं बल्कि किसी परिवार के लिए बड़ी त्रासदी का कारण बन सकती है। उन्होंने नागरिकों से सुरक्षित और जिम्मेदार यातायात व्यवहार अपनाने की अपील की। हालांकि इस पूरे अभियान के बीच एक बड़ा सवाल भी खड़ा होता है—क्या चालान बढ़ने से दुर्घटनाएं कम होंगी, या सड़क सुरक्षा के लिए इंजीनियरिंग, जागरूकता और प्रवर्तन तीनों पर समान रूप से काम करना होगा?
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. एक दिन में 120 चालान हुए—लेकिन क्या प्रशासन के पास यह डेटा है कि जिन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा कार्रवाई हुई, वहां सड़क हादसों में वास्तविक कमी आई या नहीं?
2. भारी वाहनों पर रिकॉर्ड कार्रवाई की गई—क्या इन वाहनों में ओवरलोडिंग, फिटनेस और परमिट उल्लंघन की भी अलग से जांच की गई थी?
3. हाल के गंभीर सड़क हादसों में आपराधिक मानव वध जैसी धाराओं में कार्रवाई की बात कही गई—लेकिन क्या जिले में दुर्घटना-प्रवण क्षेत्रों की पहचान कर संरचनात्मक सुधार (सड़क डिजाइन, संकेतक, प्रकाश व्यवस्था) की भी योजना है?