जशपुर; जंगल, अंधेरा और 7 गौवंश… ‘ऑपरेशन शंखनाद’ में तस्कर भागे, लेकिन कई सवाल छोड़ गए

जशपुर; जंगल, अंधेरा और 7 गौवंश… ‘ऑपरेशन शंखनाद’ में तस्कर भागे, लेकिन कई सवाल छोड़ गए

जशपुर - जशपुर जिले में कथित गौ तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई का दावा किया है। मनोरा क्षेत्र के जंगलों से 7 गौवंशों को बरामद किया गया है, जिन्हें पुलिस के अनुसार कुछ लोग पैदल झारखंड की ओर ले जा रहे थे। हालांकि कार्रवाई के दौरान संदिग्ध लोग मौके से फरार हो गए और उनकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत की गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने तत्काल क्षेत्र में पहुंचकर जांच की और जंगल क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधि देखी।

जानकारी के मुताबिक, सुबह के समय मिली सूचना के आधार पर चौकी मनोरा पुलिस टीम ग्राम डहुकोना क्षेत्र की ओर रवाना हुई। पुलिस का कहना है कि मौके पर कुछ लोग गौवंशों को तेजी से जंगल मार्ग से ले जाते दिखाई दिए। पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी किए जाने पर संदिग्ध लोग अंधेरे और जंगल का लाभ उठाकर मौके से निकल गए।कार्रवाई के दौरान 7 गौवंशों को सुरक्षित बरामद किया गया। बाद में उनका पशु चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया गया।

पुलिस ने मामले में छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1961 की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं तथा मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा।

इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस टीम की भूमिका को भी सराहा गया है। अधिकारियों के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में ऐसे मामलों को रोकने के लिए निगरानी और अभियान आगे भी जारी रहेंगे। हालांकि इस कार्रवाई के बाद एक बड़ा सवाल फिर सामने आया है—यदि जंगल मार्गों का उपयोग कर इस तरह की गतिविधियां संभव हैं, तो सीमावर्ती निगरानी और खुफिया तंत्र को और कितना मजबूत करने की जरूरत है।

मामले में पुलिस ने कार्रवाई और प्रारंभिक जांच के आधार पर अपराध दर्ज किया है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और आगे की जांच पर निर्भर करेगी।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. यदि पुलिस को मुखबिर से पहले से सूचना थी, तो संदिग्ध लोग मौके से फरार कैसे हो गए—क्या इलाके की घेराबंदी और इंटरसेप्शन रणनीति पर्याप्त थी?

2. मनोरा–झारखंड सीमा क्षेत्र में पिछले एक वर्ष में कथित पशु तस्करी के कितने मामले दर्ज हुए, और उनमें कितनों में आरोपियों की गिरफ्तारी एवं दोषसिद्धि हुई?

3. “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत अब तक कितनी कार्रवाई हुई है और क्या इसके लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में स्थायी निगरानी तंत्र या संयुक्त ऑपरेशन की कोई योजना है?

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