| सीहोर: जावर पुलिस ने लावारिस ट्रक से जब्त की 62 लाख रुपये से अधिक की अवैध बीयर |
सीहोर/जावर - मध्यप्रदेश में नशा उन्मूलन और अवैध शराब परिवहन पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जावर थाना पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने भोपाल-इंदौर हाईवे रोड पर घेराबंदी करते हुए एक संदिग्ध ट्रक से भारी मात्रा में अवैध बीयर जब्त की है। जब्त की गई बीयर की कुल कीमत 62 लाख 11 हजार रुपये से अधिक आंकी गई है। यह पूरी कार्यवाही सीहोर पुलिस अधीक्षक (SP) श्रीमती सोनाक्षी सक्सेना के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती सुनीता रावत एवं एसडीओपी आष्टा श्री दामोदर गुप्ता के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी जावर (DSP) हेमंत पांडेय के नेतृत्व में अंजाम दी गई।
लावारिस खड़े ट्रक से बरामद हुई 1991 पेटियां
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, दिनांक 24 मई 2026 को मुखबिर के जरिए एक पुख्ता सूचना प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर जावर थाना पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भोपाल-इंदौर हाईवे रोड पर सरहदी (बॉर्डर) से ठीक पहले एक निर्माणाधीन चद्दर शेड के पास दबिश दी। वहां हाईवे किनारे एक ट्रक (क्रमांक MP09 HH3137) संदिग्ध और लावारिस हालत में खड़ा हुआ मिला। जब पुलिस टीम ने ट्रक की बारीकी से तलाशी ली, तो उसके भीतर भारी मात्रा में अवैध शराब लोड पाई गई।
जब्त की गई सामग्री (मशरूका):
अवैध बीयर: कुल 1991 पेटियां (जिसमें 'पावरकूल' ब्रांड की कुल 47,784 बीयर केन भरी हुई थीं)।
कुल मात्रा: 23,892 लीटर बीयर।
अनुमानित कीमत: करीब 62,11,920 रुपये (बासठ लाख ग्यारह हजार नौ सौ बीस रुपये)।
वाहन: शराब परिवहन में प्रयुक्त ट्रक (क्र. MP09 HH3137)।
पुलिस ने शराब की खेप और ट्रक को विधिवत जब्त कर लिया है। चूंकि मौके पर कोई आरोपी नहीं मिला, इसलिए जावर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विस्तृत विवेचना में ले लिया है। पुलिस अब ट्रक के मालिक और चेसिस नंबर के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
इनकी रही सराहनीय भूमिका
करोड़ों रुपये की इस अवैध शराब खेप को पकड़ने में जावर पुलिस टीम के अधिकारी-कर्मचारियों की भूमिका बेहद सराहनीय रही। इस टीम में मुख्य रूप से शामिल रहे:
उप पुलिस अधीक्षक (DSP) हेमंत पांडेय, उपनिरीक्षक (SI) संतोष विश्वकर्मा, उपनिरीक्षक बीरमलाल वर्मा, प्रधान आरक्षक (HC) सुनील वर्मा, तेजभान सिंह, जस्सुलाल सोलंकी, महिला आरक्षक हीरामणि परमार, आरक्षक (Constable) नरेंद्र सैंधव, मनोज जाट, अनिल चौधरी, बलराम देशवाली, अमित जमरे, अनिल दुधी, कमलेश पंवार, राहुल सूर्यवंशी।
इसके साथ ही सैनिक लाखन सिंह, संतोष सिंह, गोपाल ठाकुर, राहुल परमार और बनेसिंह ने भी इस कार्यवाही में महत्वपूर्ण योगदान दिया।