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| राजौरी के जंगलों में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़: 'डोलीमाल' में घिरे 3 पाकिस्तानी आतंकवादी |
राजौरी/जम्मू - जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आज सुबह से ही सुरक्षा के मोर्चे पर भारी तनाव बना हुआ है। जिले के गंभीर मुगलान और डोलीमाल के बेहद घने और पहाड़ी जंगलों में दो से तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों के छिपे होने की पक्की खबर के बाद सुरक्षाबलों ने एक बड़ा और व्यापक सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। इस अभियान के शुरुआती चरण में आतंकवादियों और भारतीय जांबाजों के बीच संक्षिप्त लेकिन भीषण गोलीबारी भी हुई है। फिलहाल पिछले कुछ घंटों से फायरिंग रुकी हुई है, लेकिन सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) के जवान बेहद सतर्कता के साथ घेराबंदी मजबूत कर रहे हैं।
खुफिया इनपुट के बाद शुरू हुआ 'ज्वाइंट ऑपरेशन'
विश्वस्त सैन्य सूत्रों के अनुसार, भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम को एक सटीक खुफिया जानकारी मिली थी कि कुछ दिन पहले ही पाकिस्तान से अवैध रूप से घुसपैठ कर भारतीय सीमा में दाखिल हुए 2 से 3 खूंखार आतंकी राजौरी के डोरीमाल वन क्षेत्र में डेरा डाले हुए हैं। इस इनपुट के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) ने पूरे इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया।
सुबह 11:30 बजे हुआ पहला आमना-सामना
भारतीय सेना की 'व्हाइट नाइट कोर' ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) पर इस मुठभेड़ की आधिकारिक पुष्टि की है। सेना के अनुसार, गंभीर मुगलान इलाके में सुबह लगभग 11:30 बजे जब खोजी दल आगे बढ़ रहा था, तभी अचानक झाड़ियों में छिपे आतंकियों ने सैनिकों पर फायरिंग शुरू कर दी। भारतीय सतर्क जवानों ने तुरंत सुनियोजित तरीके से पोजिशन ली और जवाबी कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप दोनों पक्षों के बीच आमने-सामने की मुठभेड़ शुरू हो गई।
घना जंगल और मौसम बना चुनौती
मुठभेड़ स्थल के आसपास का इलाका बेहद दुर्गम, पहाड़ी और घने जंगलों से घिरा हुआ है। इस भौगोलिक स्थिति का फायदा उठाकर आतंकी अपनी लोकेशन लगातार बदल रहे हैं। सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा, "हमारे पास पुख्ता जानकारी है कि ये आतंकी अत्याधुनिक और भारी हथियारों से लैस हैं। जब तक इन्हें जिंदा या मुर्दा पकड़ नहीं लिया जाता, तब तक यह ऑपरेशन रुकने वाला नहीं है।" आतंकवादियों के भागने के सभी संभावित रास्तों को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया है। सुरक्षा के लिहाज से स्थानीय प्रशासन ने आसपास के गांवों में हाई अलर्ट जारी कर लोगों को अपने घरों के भीतर ही रहने की सख्त सलाह दी है।
राजौरी-पुंछ बेल्ट में सुरक्षा और कड़ी
गनीमत यह है कि इस संक्षिप्त गोलीबारी में अभी तक किसी भी जवान या नागरिक के हताहत होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। गौरतलब है कि राजौरी-पुंछ बेल्ट में पिछले कुछ महीनों के भीतर आतंकी गतिविधियों में तेजी देखी गई है, जिसे देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढील नहीं बरत रही हैं। पूरे राजौरी जिले की सुरक्षा ग्रिड को मजबूत कर दिया गया है। समाचार लिखे जाने तक सेना के पैराट्रूपर्स और अतिरिक्त कुमुक मौके पर पहुंच चुकी है और ऑपरेशन लगातार जारी है।
