| ऑपरेशन ‘क्लीन हंट’ से कांपा रायगढ़: 230 फरार वारंटी एक साथ गिरफ्तार, अपराधियों में हड़कंप Aajtak24 News |
रायगढ़ - जिले में फरार अपराधियों और वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान में कुल 230 फरार वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में 76 स्थायी वारंटी और 154 गिरफ्तारी वारंटी शामिल हैं, जो लंबे समय से न्यायालय में उपस्थित नहीं हो रहे थे। इनके खिलाफ कोर्ट द्वारा गिरफ्तारी और स्थायी वारंट जारी किए गए थे, जिसके बाद जिलेभर में विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की गई।
यह अभियान 20 मई से 25 मई 2026 तक चलाया गया, जिसमें घरघोड़ा, चक्रधरनगर, धरमजयगढ़, छाल, भूपदेवपुर और लैलूंगा थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने सक्रिय भूमिका निभाई। प्रदर्शन के आधार पर घरघोड़ा थाना स्थायी वारंट तामिली में प्रथम स्थान पर रहा, जबकि चक्रधरनगर और लैलूंगा क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। गिरफ्तारी वारंट तामिली में धरमजयगढ़ थाना ने सबसे अधिक 28 वारंट तामील कर प्रथम स्थान प्राप्त किया।
अभियान के दौरान कई गंभीर मामलों में फरार आरोपी भी पकड़े गए। घरघोड़ा पुलिस ने लंबे समय से फरार आरोपी चिंता उर्फ चिंतामणि राठिया को गिरफ्तार किया, वहीं निगरानी बदमाश मोहसिन खान उर्फ गुरु पठान को भी दबोचा गया। इसके अलावा चक्रधरनगर पुलिस ने मारपीट के छह आरोपी, भूपदेवपुर पुलिस ने दुष्कर्म मामले का फरार आरोपी और लैलूंगा पुलिस ने चोरी के मामले में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया। एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि “फरार वारंटियों और अपराधियों के लिए रायगढ़ जिले में कोई सुरक्षित स्थान नहीं है। ऐसे तत्वों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- 230 वारंटियों की गिरफ्तारी एक उपलब्धि है, लेकिन क्या यह संकेत नहीं कि लंबे समय से वारंट तामिली और निगरानी प्रणाली में पहले से कमी रही है?
- क्या इन गिरफ्तारियों के बाद यह सुनिश्चित किया जाएगा कि जमानत या रिहाई के बाद ये आरोपी फिर से फरार न हों, या यह चक्र बार-बार दोहराया जाएगा?
- क्या “ऑपरेशन क्लीन हंट” को केवल विशेष अभियान के रूप में चलाने के बजाय एक स्थायी और तकनीकी निगरानी प्रणाली (डेटा-ट्रैकिंग आधारित) में बदला जाएगा?