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| शहडोल के गांधी स्टेडियम में 'आरोह 2026' की धूम: खेल कौशल के साथ सामाजिक और सांस्कृतिक रूप से भी निपुण हो रहे खिलाड़ी! |
शहडोल - मध्य प्रदेश शासन, खेल और युवा कल्याण संचालनालय भोपाल के आदेशानुसार, संभागीय मुख्यालय शहडोल के प्रतिष्ठित गांधी स्टेडियम में ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविर 'आरोह 2026' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। 1 मई से शुरू हुआ यह विशेष शिविर आगामी 30 मई तक निरंतर संचालित रहेगा। जिला खेल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) श्री अभिषेक दीवान के कुशल मार्गदर्शन में चल रहे इस शिविर में युवाओं को खेल के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास के लिए तैयार किया जा रहा है।
15 खेलों के साथ हो रहा है सर्वांगीण विकास
इस ग्रीष्मकालीन शिविर की सबसे खास बात यह है कि यहां खिलाड़ियों को केवल मैदान तक सीमित नहीं रखा जा रहा है। शिविर में एथलेटिक्स, वॉलीबॉल, हैंडबॉल, बैडमिंटन और खो-खो समेत कुल 15 खेलों का कड़ा प्रशिक्षण तो दिया ही जा रहा है, साथ ही प्रशिक्षार्थियों के बहुमुखी विकास के लिए सामाजिक गतिविधियों, सांस्कृतिक मंच और मैच सिचुएशन (प्रतियोगिता के दौरान मानसिक संतुलन) का भी विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विभाग का मुख्य उद्देश्य यह है कि खिलाड़ी खेल के मैदान के साथ-साथ समाज के हर क्षेत्र में निपुण और अनुशासित बन सकें।
सुबह-शाम के सत्रों में दी जा रही हैं आधुनिक खेल कूटनीतियां
खेल और युवा कल्याण विभाग के एनआईएस (NIS) कोच धीरेंद्र प्रताप सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि शिविर को लेकर बच्चों और युवाओं में भारी उत्साह है। सभी खिलाड़ी नियमित रूप से सुबह और शाम के कड़े प्रशिक्षण सत्रों में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
वर्तमान में कोच द्वारा सभी एथलीटों को:
100 मीटर दौड़ का स्टार्च (शुरुआती तकनीक),
गोला फेंक (शॉट पुट) की बारीकियां,
और ट्रिपल जंप के रीचिंग स्टेजेस (विभिन्न चरणों) के बारे में विस्तार से सिखाया जा रहा है।
इसके साथ ही, तपती गर्मी में एथलीटों की शारीरिक क्षमता, स्टेमिना और तकनीक को बेहतर बनाने के लिए जनरल वार्म-अप एवं स्पेशल वार्म-अप का कड़ा प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) अभ्यास कराया जा रहा है, ताकि खिलाड़ी चोटिल होने से बच सकें और अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दे सकें।
