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| सिंगरौली महोत्सव 2026 की चित्रकला प्रतियोगिता में युवा कलाकारों ने संस्कृति Aajtak24 News |
सिंगरौली - सिंगरौली महोत्सव 2026 के तहत आयोजित गतिविधियों में शुक्रवार का दिन कला, कल्पना और युवा प्रतिभाओं के नाम रहा। ‘प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम’ के अंतर्गत जिला स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों और युवा कलाकारों ने अपनी रचनात्मकता से पूरे आयोजन को जीवंत बना दिया। कार्यक्रम का आयोजन वीवा क्लब विंध्यनगर और रीजनल लर्निंग इंस्टीट्यूट एनटीपीसी विंध्यनगर में किया गया, जहां प्रतिभागियों ने रंगों और विचारों के माध्यम से सिंगरौली की पहचान को नए रूप में प्रस्तुत किया।
कैनवास पर उतरी सिंगरौली की संस्कृति और पहचान
प्रतियोगिता में शामिल छात्र-छात्राओं ने जिले की सांस्कृतिक विरासत और विकास की पहचान को अपनी कला में उकेरा। प्रतिभागियों की चित्रकृतियों में माडा केव्स, रिहंद डैम और स्थानीय पहचान से जुड़े कई दृश्य दिखाई दिए।इसके साथ बच्चों ने ऊर्जा, जल संरक्षण, पर्यावरण, सामाजिक चेतना और स्थानीय जीवन को भी अपनी कल्पनाओं में जगह दी। कई चित्रों में नारी सशक्तिकरण, दहेज जैसी सामाजिक चुनौतियों और पर्यावरण संरक्षण के संदेश भी प्रमुखता से उभरकर सामने आए।
जूनियर और सीनियर श्रेणी में दिखा प्रतिभा का दम
प्रतियोगिता को दो वर्गों—जूनियर और सीनियर—में आयोजित किया गया था। सीनियर वर्ग में अभ्युदय सिंह ने प्रथम स्थान हासिल किया। जबकि आयुषी गुप्ता दूसरे और संस्कृति प्रिया तीसरे स्थान पर रहीं। जूनियर वर्ग में आदर्श शाह ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि मावी शाह और सत्यम शाह क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
महोत्सव बना स्थानीय प्रतिभाओं का मंच
आयोजकों के अनुसार, प्रतिभा सम्मान कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय कला और रचनात्मकता को पहचान देना और युवाओं को अपनी क्षमता दिखाने का अवसर उपलब्ध कराना है। रंगोली प्रतियोगिता के बाद आयोजित यह चित्रकला प्रतियोगिता जिले की नई पीढ़ी को सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और रचनात्मक मंच देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. प्रतिभाओं को मंच देने की बात हो रही है, लेकिन क्या प्रतियोगिता के विजेताओं और चयनित प्रतिभागियों के लिए आगे प्रशिक्षण, छात्रवृत्ति या राज्य स्तर तक पहुंचाने की कोई ठोस योजना है?
2. क्या इस प्रतियोगिता में ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों की भागीदारी का अलग डेटा तैयार किया गया, ताकि अवसरों की वास्तविक पहुंच का आकलन हो सके?
3. सिंगरौली की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए महोत्सव आयोजित हो रहे हैं, लेकिन क्या इन आयोजनों के सामाजिक और शैक्षणिक प्रभाव का कोई मूल्यांकन तंत्र भी बनाया गया है?
