बिलासपुर; खेती में देरी नहीं चलेगी, पानी पर भी पहरा… कलेक्टर ने अफसरों को दिया ‘15 दिन का मिशन’

बिलासपुर; खेती में देरी नहीं चलेगी, पानी पर भी पहरा… कलेक्टर ने अफसरों को दिया ‘15 दिन का मिशन’

बिलासपुर - खरीफ सीजन की तैयारियों और जल संरक्षण को लेकर बिलासपुर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा (टीएल) बैठक में कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि खेती-किसानी की तैयारियों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और किसानों तक खाद-बीज समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि समितियों के माध्यम से उर्वरक और बीज वितरण की व्यवस्था मजबूत रखी जाए तथा इसकी प्रतिदिन निगरानी की जाए। कलेक्टर ने कहा कि हर शाम 6 बजे मांग और आपूर्ति की समीक्षा की जाएगी ताकि सीजन के दौरान किसानों को परेशानी न हो।

जल संरक्षण को बनाया प्राथमिक एजेंडा

बैठक में जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने कहा कि जो व्यक्ति या संस्था भूजल का उपयोग कर रही है, उसे भूजल पुनर्भरण की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। उन्होंने भूजल स्तर सुधारने के लिए इंजेक्शन तकनीक आधारित रिचार्ज मॉडल को बढ़ावा देने की बात कही और उद्योगों तथा ठेकेदारों से रिचार्ज नलकूप निर्माण में सहयोग का आह्वान किया। आगामी वर्षा ऋतु को देखते हुए अगले 15 दिनों तक विशेष अभियान चलाकर जल संरक्षण कार्यों को गति देने के निर्देश दिए गए।

सुशासन तिहार और योजनाओं की समीक्षा

बैठक में सुशासन तिहार के तहत विभिन्न योजनाओं में संतृप्ति स्तर हासिल करने पर जोर दिया गया। स्वामित्व योजना के तहत लगभग साढ़े चार हजार पट्टों के वितरण को प्राथमिकता देने तथा एग्रीस्टैक पोर्टल में शेष किसानों का पंजीयन शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में पट्टा वितरण, पीएम सूर्यघर योजना के लक्ष्य, शिक्षा की गुणवत्ता और लंबित प्रशासनिक प्रकरणों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों को लंबित मामलों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए गए।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. खाद-बीज की रोजाना समीक्षा होगी—लेकिन वर्तमान में जिले में वास्तविक उपलब्धता और अनुमानित मांग का अंतर कितना है?

2. जल संरक्षण के लिए 15 दिन का अभियान घोषित हुआ है—इसके लिए कितने लक्ष्य, कितने रिचार्ज पॉइंट और कौन-सी जवाबदेही तय की गई है?

3. सुशासन तिहार और फ्लैगशिप योजनाओं में “संतृप्ति” की बात हो रही है—लेकिन जिले में अब भी कितने पात्र हितग्राही लाभ से बाहर हैं?

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