सुबह 4 बजे हुई कार्रवाई, 500 पुलिसकर्मी तैनात
यह बड़ी कार्रवाई शनिवार की सुबह 4 बजे शुरू हुई। भारी विरोध की आशंका को देखते हुए मौके पर लगभग 500 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। एसडीएम रवीश श्रीवास्तव और तहसीलदार सौरभ पांडे सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता भी मौके पर मौजूद था। प्रशासन के अनुसार, आरोपियों ने ये अवैध निर्माण सरकारी चरोखर भूमि पर किए थे। मकान ढहाने से पहले ही उन्हें नोटिस जारी कर दिया गया था, लेकिन कब्जा नहीं हटाने पर यह कार्रवाई की गई।
छात्राओं को जाल में फंसाकर किया शारीरिक शोषण
इस मामले में छह आरोपी हैं, जिनमें फरहान, साद, साहिल, नबील, अली और अबरार शामिल हैं। इन पर आरोप है कि उन्होंने एक संगठित गिरोह बनाकर हिंदू छात्राओं से दोस्ती की। बाद में उन्हें शारीरिक शोषण का शिकार बनाया, उनके अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें ब्लैकमेल कर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर किया। पीड़िताओं ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद भोपाल पुलिस ने मामले की जांच के लिए एक एसआईटी (SIT) का गठन किया।
मानवाधिकार आयोग ने भी लिया था संज्ञान
यह मामला केवल पुलिस और प्रशासन तक ही सीमित नहीं रहा। इसकी गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग ने भी इसका संज्ञान लिया। दोनों आयोगों ने राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपी और पुलिस पर शुरुआत में लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई 'जीरो टॉलरेंस' की सरकारी नीति के तहत की गई है, जिससे यह संदेश दिया जा सके कि अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल, क्षेत्र में शांति का माहौल है।