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| बालाघाट में विकास समीक्षा बैठक, कलेक्टर ने निकायों को दिया ‘परफॉर्मेंस सुधार’ का अल्टीमेटम Aajtak24 News |
बालाघाट - जिले के नगरीय निकायों की विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर मृणाल मीना ने साफ निर्देश दिए कि सभी नगर निकायों को अपनी कार्यप्रणाली में तेजी लानी होगी और जनहित के कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में बालाघाट, वारासिवनी, मलाजखंड, बैहर, कटंगी और लांजी के अधिकारियों से विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली गई। इस दौरान संयुक्त कलेक्टर एवं शहरी विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी राहुल नायक भी मौजूद रहे।
स्वच्छता और रैंकिंग पर फोकस
बैठक में स्वच्छता सर्वेक्षण की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने कहा कि इस वर्ष सभी निकायों की रैंकिंग में पिछले साल की तुलना में सुधार होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता अभियान केवल सर्वेक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि यह एक निरंतर प्रक्रिया होनी चाहिए। साथ ही प्लास्टिक कचरे के निस्तारण और सिंगल यूज प्लास्टिक पर सख्त रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।
अमृत 2.0 और जल निकासी पर चिंता
अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत जल आपूर्ति कार्यों की समीक्षा में बालाघाट में धीमी प्रगति और कटंगी व लांजी में कार्य शुरू न होने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई। उन्होंने सभी नगर पालिका अधिकारियों को जल आपूर्ति योजनाओं को प्राथमिकता से पूरा करने के निर्देश दिए। वर्षा ऋतु से पहले नालियों और नालों की सफाई सुनिश्चित करने तथा जलभराव की समस्या रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
तालाब और हरित क्षेत्र विकास
जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत प्रत्येक नगरीय क्षेत्र में ग्रीन एरिया विकसित करने और दो-दो तालाबों के जीर्णोद्धार व सौंदर्यीकरण के निर्देश भी दिए गए।
आवास और रोजगार योजनाएं
बैठक में आवास योजना के तहत बने मकानों को शीघ्र हितग्राहियों को आवंटित करने पर जोर दिया गया। साथ ही श्रमिकों का पीएम श्रमयोगी मानधन योजना में पंजीयन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए गए।
पीएम स्वनिधि योजना
पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने पात्र हितग्राहियों को अधिक से अधिक लाभ दिलाने के लिए अधिकारियों को सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
- स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग सुधारने के निर्देश हर साल दिए जाते हैं, लेकिन स्थायी सुधार जमीन पर क्यों नहीं दिखता?
- अमृत 2.0 जैसी महत्वपूर्ण जल योजना में कई निकायों में काम शुरू तक नहीं हुआ, इसके लिए जिम्मेदारी तय क्यों नहीं की गई?
- आवास योजनाओं में बने मकान समय पर क्यों नहीं आवंटित होते और इसका असली नुकसान किन लोगों को उठाना पड़ता है?
