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| सीहोर; सिर्फ पूजा नहीं, संरक्षण भी: नर्मदा घाट पर उतरा प्रशासन, सफाई से दिया बड़ा संदेश Aajtak24 News |
सीहोर - जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने और नदी-घाटों को स्वच्छ रखने के उद्देश्य से जिले में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत लगातार गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में नर्मदा के आवंलीघाट पर विशेष स्वच्छता अभियान चलाकर सफाई कार्य किया गया और नागरिकों को जल स्रोतों के संरक्षण का संदेश दिया गया। कलेक्टर बालागुरू के. के निर्देशानुसार जिले में जल संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े कार्यक्रमों को गति दी जा रही है। अभियान के तहत नर्मदा आवंलीघाट पर बुधनी जनपद पंचायत के कर्मचारियों ने सफाई अभियान चलाया।
अभियान के दौरान घाट परिसर से गंदगी हटाई गई और नागरिकों से अपील की गई कि वे धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। प्रशासन का मानना है कि केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि जनभागीदारी से ही जल स्रोतों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है। जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि जल संरक्षण, जल स्रोतों के पुनर्जीवन और लोगों में जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया कि नदी और घाटों को स्वच्छ रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल
1. घाटों पर समय-समय पर सफाई अभियान तो चलाए जाते हैं, लेकिन क्या प्रशासन ने यह आकलन किया है कि पिछली सफाई के बाद दोबारा गंदगी फैलने के प्रमुख कारण क्या हैं?
2. जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक कितने जल स्रोतों का वास्तविक संरक्षण या पुनर्जीवन हुआ और उसका सार्वजनिक डेटा कब जारी होगा?
3. क्या नदी घाटों पर स्थायी निगरानी, कचरा प्रबंधन और जुर्माना व्यवस्था लागू करने की कोई कार्ययोजना तैयार की गई है, ताकि सफाई अभियान केवल प्रतीकात्मक न बनकर स्थायी परिणाम दे सके?
