| घर बेचने का सपना बना खौफनाक जाल: दंपति को बंधक बनाकर 60 लाख की फिरौती मांगने वाले 4 आरोपी गिरफ्तार |
जयपुर - घर बेचने की एक सामान्य प्रक्रिया अचानक उस समय भयावह अपराध में बदल गई जब एक दंपति को ऑनलाइन प्रॉपर्टी डील के बहाने बुलाकर बंधक बना लिया गया और उनसे करोड़ों की संपत्ति नहीं बल्कि सीधे नकद फिरौती वसूली गई। इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए भांकरोटा थाना पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने खुद को बड़े कारोबारी और संपत्ति खरीदार बताकर दंपति को अपने जाल में फंसाया। कई दिनों की तकनीकी जांच, राज्यों में दबिश और निगरानी के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ते हुए लाखों रुपये की रकम और वारदात में इस्तेमाल सामान बरामद किया।
ऑनलाइन विज्ञापन से शुरू हुई साजिश
मामले की शुरुआत तब हुई जब पीड़ित दंपति ने अपना मकान बेचने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर विज्ञापन डाला। विज्ञापन देखने के बाद खुद को “अखिल अग्रवाल” बताने वाले व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। आरोपी ने खुद को बड़ा कारोबारी बताया और मकान खरीदने में रुचि दिखाई। बातचीत के दौरान उसने भरोसा जीतने के लिए कई मुलाकातें कीं और मकान का सौदा लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये में तय करने की बात कही। आरोपी ने दंपति को विश्वास दिलाया कि उसके परिवार का सदस्य और वकील दस्तावेज तैयार कर रहे हैं और भुगतान आरटीजीएस से कर दिया जाएगा।
सौदे के बहाने कार में बैठाया, फिर पहुंचा दिया बंधक स्थल
पुलिस जांच के अनुसार 2 मई 2026 को आरोपी एक कार लेकर पीड़ित दंपति के घर पहुंचा और दस्तावेज प्रक्रिया पूरी करने के नाम पर उन्हें अपने साथ ले गया। लेकिन दंपति को कार्यालय ले जाने के बजाय एक सुनसान स्थान स्थित मकान में पहुंचाया गया, जहां पहले से कई लोग मौजूद थे। जैसे ही दोनों अंदर पहुंचे, आरोपियों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। पिस्टल दिखाकर जान से मारने की धमकी दी गई और दोनों को बंधक बना लिया गया।
60 लाख की मांग, परिवार से वसूले गए 47.90 लाख
बंधक बनाए जाने के बाद आरोपियों ने दंपति के परिवार पर दबाव बनाते हुए 60 लाख रुपये की फिरौती मांगी। परिजनों को धमकी दी गई कि यदि रकम नहीं दी गई तो दोनों की हत्या कर दी जाएगी। डरे हुए परिवार ने अलग-अलग माध्यमों से रकम जुटाई। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने कुल 47 लाख 90 हजार रुपये हासिल कर लिए। इतना ही नहीं, आरोपियों ने दंपति के घर में रखे नकद और घरेलू सामान भी अपने कब्जे में ले लिए।
डर ऐसा कि कई दिन तक किसी को नहीं बताया
वारदात के बाद आरोपियों ने दंपति को दूसरे शहर भेज दिया और चेतावनी दी कि यदि पुलिस या रिश्तेदारों को जानकारी दी गई तो गंभीर परिणाम होंगे। भय के कारण पीड़ित कुछ दिनों तक चुप रहे। बाद में उन्होंने पूरी घटना अपने परिजनों को बताई और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मामला दर्ज कर पुलिस ने अपहरण, बंधक बनाकर फिरौती वसूली और अन्य गंभीर धाराओं में जांच शुरू की।
तकनीकी जांच और कई राज्यों में दबिश
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष टीमें गठित कीं। मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और संदिग्धों की गतिविधियों की निगरानी की गई। जांच के दौरान पुलिस टीमों ने राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश तक दबिश दी। आखिरकार चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
बरामदगी ने खोले कई राज
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से—
- 44 लाख 50 हजार रुपये नकद
- एक देशी पिस्टल
- KIA Sonet कार
- करीब 80 हजार रुपये का घरेलू सामान
बरामद किया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी अन्य राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम देने की आशंका में जांच के दायरे में हैं।
अपराध का नया तरीका: ऑनलाइन भरोसा, ऑफलाइन फिरौती
यह मामला सिर्फ अपहरण नहीं बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भरोसा बनाकर अपराध करने के नए पैटर्न की ओर इशारा करता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ऑनलाइन प्रॉपर्टी डील, एडवांस भुगतान और निजी मुलाकातों में सतर्कता बेहद जरूरी हो गई है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी बड़े संपत्ति सौदे से पहले खरीदार की पहचान सत्यापित करें, सार्वजनिक स्थान पर मुलाकात करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।