कटनी; कोयले पर फैसला, उद्योगों की सांसें अटकीं! 37 आवेदनों पर चली बैठक, अब नजर मंजूरी पर Aajtak24 News

कोयले पर फैसला, उद्योगों की सांसें अटकीं! 37 आवेदनों पर चली बैठक, अब नजर मंजूरी पर Aajtak24 News

कटनी - कटनी जिले में औद्योगिक गतिविधियों की रफ्तार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर शुक्रवार को जिला स्तरीय कोल समिति की अहम बैठक आयोजित हुई। कलेक्टर आशीष तिवारी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में औद्योगिक इकाइयों को कोयले की अनुशंसा और आवंटन से जुड़े मामलों पर चर्चा की गई। बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग विभाग की महाप्रबंधक ज्योति सिंह चौहान ने समिति के सदस्यों को शासन के दिशा-निर्देशों और तय प्रक्रिया की जानकारी दी। विशेष रूप से वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए लघु उद्योग निगम के माध्यम से कोयला अनुशंसा की व्यवस्था को विस्तार से समझाया गया।

समिति के समक्ष कुल 37 औद्योगिक इकाइयों के आवेदन रखे गए। इनमें 35 चूना उद्योग और 2 रिफेक्टरीज इकाइयों के आवेदन शामिल थे। इन आवेदनों पर तकनीकी, प्रशासनिक और नियामकीय पहलुओं पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान कलेक्टर एवं समिति अध्यक्ष श्री तिवारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों में तय नियमों और पात्रता मानकों के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनी रहे। बैठक में उद्योग जगत और प्रशासन दोनों पक्षों की भागीदारी देखने को मिली। इसमें उद्योग संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ जिला खनिज विभाग, एमपीईबी और वाणिज्यिक कर विभाग के अधिकारी भी शामिल हुए।हालांकि बैठक में आवेदनों पर चर्चा हुई, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यह होगा कि अनुशंसा प्रक्रिया कितनी तेज और पारदर्शी रहती है तथा उद्योगों को वास्तविक स्तर पर कोयला आपूर्ति कितनी समयसीमा में मिल पाती है।

आज तक 24 न्यूज़ के प्रशासन से सवाल

1. पिछले वित्तीय वर्ष में जिन इकाइयों को कोयले की अनुशंसा मिली थी, उनमें से कितनी इकाइयों ने वास्तविक उत्पादन किया और कितनों की निगरानी हुई?

2. 37 आवेदनों की जांच के लिए क्या कोई पारदर्शी स्कोरिंग या प्राथमिकता प्रणाली अपनाई गई, या निर्णय केवल समिति स्तर पर हुआ?

3. जिले में कोयले के आवंटन और वास्तविक उपयोग के बीच अंतर रोकने के लिए क्या कोई डिजिटल ट्रैकिंग या थर्ड-पार्टी ऑडिट व्यवस्था लागू है?

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